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एच-3, डॉक्टर्स कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना-20
यह अनुवाद Google Translate द्वारा किया गया है। अनुवाद संबंधी किसी भी त्रुटि के लिए कृपया क्षमा करें।

ये सूरत बदलनी चाहिए

हो गई है पीर पर्वत सी, पिघलनी चाहिए।
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।।
आज यह दीवार पर्दों की तरह हिलने लगी,
शर्त्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।
हर सड़क पर, हर गली में, हर शहर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए।

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